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कानूनी विवादों में कानूनविद पर आधारित फिल्म जौली एलएलबी-2

बाम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर कटेंगे यह 4 सीन
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मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने वकीलों पर कटाक्ष करती फिल्म 'जॉली एलएलबी-2' से चार आपत्तिजनक सीन काटने का आदेश दिया है। बेंच ने यह आदेश दो सदस्यीय एमिकस क्यूरी (अदालत के सहायक वकील) आरएन ढोर्डे और वीजे दीक्षित की रिपोर्ट के आधार पर किया। फिल्म इसी हफ्ते रिलीज इसी हफ्ते होनी है, ऐसे में 'जॉली एलएलबी-2' के निर्माता आदेश को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। रोचक यह भी है कि यह कानूनी विवाद तब पनपा है, जब सुप्रीमकोर्ट के चीफ जस्टिस जे.एस. खेहर बार कौंसिल ऑफ इंडिया को वकीलों की क्वालिटी चैक करने की ताकीद दे रहें हैं। सुप्रीम कोर्ट में चुनौती के समय इस ताकीद का असर देखने को मिल सकता है। हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त एमिकस क्यूरी को यह देखकर रिपोर्ट करने को कहा गया था है कि क्या फिल्म में ज्यूडिशियरी या वकीलों की छवि खराब की गई है? रिपोर्ट में बताया गया कि 'जॉली एलएलबी-2' में कुछ सीन भारत की न्यायपालिका की छवि खराब करने वाले हैं।
फिल्म के दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए अजय कुमार वाघमारे नाम के एक वकील ने हाईकोर्ट में मामला दायर किया था। पटीशन में फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के साथ जारी रिस्टि्रक्शन पर गौर करने पर जोर दिया गया। बता दें कि फिल्म जॉली एलएलबी 2 की कहानी वकील जगदीश मिश्रा के इर्दगिदã घूमती है जिसमें वो अपने दुश्मन (अनु कपूर) से एक हाई प्रोफाइल केस में लड़ते दिखते हैं और फिल्म में संवादों व दृष्यों के आधार पर खासी कामेडी पेश की गई हैं। हालांकि अजय ने इसको छवि खराब करने वाला बताते हुए नाम भी बदलने की मांग की है।
यह सीन हटेंगे
पहला - जज को डरकर मेज के नीचे छिपते दिखाने वाला
दूसरा - जिसमें अक्षय को जूता फेंकते दिखाया गया
तीसरा - कोर्ट में बहसबाजी वाले दृश्य बदलने होंगे
चौथा - वकीलों का कोर्ट के अंदर कार्ड खेलते

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