Latest News

RBI ने दी राहत, फिलहाल बंद नहीं होंगे डेबिट-क्रेडिट कार्ड

Published on 16 Oct, 2018 02:10 PM.

नई दिल्ली (JNN) : 90 करोड़ से अधिक डेबिट व क्रेडिट कार्ड के बंद होने का खतरा फिलहाल टल गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कंपनियों को राहत देने के बजाए आम जनता को बड़ी राहत दी है। हालांकि विदेशी कार्ड पेमेंट गेटवे कंपनियों पर कुछ बंदिशें जरूर लगा दी गयी है। इस मामले में जल्द आरबीआई कंपनियों को कुछ दिशा-निर्देश दे सकता है। आपको बता दें कि देश में सबसे ज्यादा डेबिट व क्रेडिट कार्ड मास्टरकार्ड और वीजा के जारी होते हैं। आरबीआई विदेश में स्थित सर्वर को देश में स्थापित करने के लिए कंपनियों को काफी समय से कह रहा है। इन कंपनियों का कहना है कि वक्त तो कम है ही, उन्हें नई पॉलिसी की पूरी जानकारी भी नहीं है। डाटा स्थानीय स्तर पर लागू करने के दौरान व्यापारियों को ज्यादा सावधान रहना होगा और उपभोक्ताओं को नए सिरे से कागजात देने होंगे। इस बीच, पेटीएम और फोनपे जैसी घरेलू पेमेंट कंपनियों ने आरबीआई के कदम का समथज़्न किया है। पेटीएम ने कहा कि अहम डाटा की जानकारी किसी भी सूरत में देश से बाहर नहीं जानी चाहिए, प्रोसेसिंग के लिए भी नहीं। वहीं फोनपे ने कहा कि हमने आरबीआई को सूचित कर दिया है कि हमारा डाटा सिस्टम पूरी तरह स्थानीय है। हमने समय सीमा के भीतर इस काम को पूरा किया है। सूत्रों के मुताबिक वित्तीय डाटा स्टोरेज पर आरबीआई रियायत नहीं देगा। हालांकि आरबीआई ने तारीख बढ़ाने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है। डाटा सिक्योरिटी पर आरबीआई का रुख अभी भी सख्त है। आरबीआई सुरक्षा के लिहाज से ये कदम उठाना चाहता है। अमेजन, अलीबाबा और व्हाट्सऐप समेत करीब 80 फीसदी कंपनियों ने पेमेंट संबंधी आंकड़े देश में ही रखने (डाटा स्थानीयकरण) की बैंक की शतोज़्ं को पूरा कर लिया है। आरबीआई मंगलवार से केस दर केस के आधार पर चीजों को देखेगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शर्तों का अनुपालन नहीं होने पर कोई कार्रवाई करेगा या जुमानज़ लगाएगा। सभी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा पेमेंट संबंधी डाटा को केवल भारत में ही स्टोर करना होगा। इस बीच, गूगल भी डाटा स्थानीयकरण की शतज़् मानने को तैयार हो गया है, लेकिन इसे पूरा करने के लिए दिसंबर तक का समय मांगा है। इस बीच, कुछ लोगों का मानना है कि इस फैसले से कंपनियों के भारत में बिजनेस करने पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

204 Views

Reader Reviews

Please take a moment to review your experience with us. Your feedback not only help us, it helps other potential readers.


Before you post a review, please login first. Login
Related News
ताज़ा खबर
e-Paper