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वकील ने चलाया ऐसा पैंतरा कि कोर्ट ने शिकायतकर्ता को सुना दी सजा, पढ़िए रोचक मामला

By JNN News/Jalandhar

Published on 14 Mar, 2019 03:32 PM.

जय हिन्द न्यूज/जालंधर। यदि आप बिकाऊ पुलिस के शिकार बने हैं, तो जालंधर के मंदीप सिंह सचदेव जैसे वकील आप के लिए भगवान का दूसरा रूप साबित हो सकते हैं। इस वकील ने एक ही पैंतरे में पूरा पासा ऐसा पलटा कि केस दर्ज करवाने वाला दंपति खुद ही कटघरे में दोषी बनकर खड़ा हो गया। एनआरआईज के विवादों का त्वरित निपटारा करने वाली सीजेएम अमिता सिंह के बैंच वाली विशेष अदालत में एक ऐसा ही अनोखा मामला हाल ही में सामने आया है। कोर्ट ने एक एन.आर.आई की कोठी हड़पने के मामले में दंपति समेत तीन को 3-3 साल कैद की सजा सुनाई। दोषी करार दिए गए 55 गोल्डन ऐवेन्यू, फेज-2 गढ़ा जालंधर निवासी परमजीत पुत्र जरनैल सिंह, गुरमिंदरजीत कौर पत्नी परमजीत सिंह तथा फर्जी एग्रीमैंट के गवाह बने गवाह दलबीर राम को को अदालत ने फ्राड करने का दोष साबित होने पर 3-3 साल कैद व 5०,०००-5०,००० रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट की ओर से निपटाए मामले में रोचक तथ्य यह है कि इस मामले में बिकाऊ पुलिस ने पहले तो दोषी करार पक्ष की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर 4 में 5 मई, 2००7 को एन.आर.आई पक्ष को नामजद किया था लेकिन हाईकोर्ट के संज्ञान पर बाद में एनआरआई को राहत मिली थी। एनआरआई पक्ष की ज्ञान कौर पत्नी बलदेव सिंह निवासी मोता सिंह नगर जालंधर का आरोप था कि दोषी परमजीत सिंह, उसकी पत्नी गुरमिंदरजीत कौर व गांव पतारां निवासी दलबीर राम ने धोखे से फर्जी एग्रीमैंट बनाया और गुरजेपाल नगर जालंधर स्थित उसकी एक कोठी को हड़प लिया है। वहीं, दोषियों ने पुलिस को खरीदकर एनआरआई पक्ष पर मामला दर्ज करवा दिया था। केस की पैरवी करने वाले क्रिमिनल लॉयर मंदीप सिंह सचदेव बताते है कि करीब 14 साल पुराने इस मामले में इतनी पेचीदगी आ गई थी कि हस्ताक्षर से लेकर कलम की स्याही तक की लैब रिपोर्ट मंगवाकर उस पर बहस की गई और एनआरआई दंपति को इंसाफ दिलाया गया।

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